Gopal Gupta

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'' मौत से डरना भला क्या,,,

मौत से डरना भला क्या, पथ से फिर डिगना भला क्या,,

आग अंदर की जला ले, सोए पौरुष को जगा ले,,
मोह माया त्याग कर के, वीर बन्धन तोड़ सारे,
धर्म का आधार ये है, भागवत का सार ये है ,,
राष्ट्र ही सर्वोपरि है, गीत का संज्ञान ये है,
वेद ग्रंथो में लिखा है ,ये पुराणों में लिखा है,,
आत्मा सत है सनातन, मौत झूठा इक छलावा,
देह मिट्टी की बनी है, ये अमानत है उसी की,,
धर्म हित क्या राष्ट्र हित भी, ईश का सम्मान है,
मौत से डरना भला क्या, पथ से फिर डिगना भला क्या,,

बन भगीरथ स्वर्ग गंगा ,को धरा पर लाए हो तुम,
तुम ने खोजा शून्य को, दशमलव की नीव हो तुम,,
प्राण दिनकर के कर्ण तुम, राम तुलसी के तुम्ही हो,
व्यास के श्री कृष्ण प्यारे, द्रोण के अर्जुन तुम्ही हो,,
भारती के लाल जागो कौन तुम हो जान लो ये,,
तुम में राणा का लहू है राम के वंशज तुम्ही हो,
लाल जागो भारती के ,विश्व गुरु की आन है ये,,
मौत से डरना भला क्या पथ से फिर डिगना भला क्या,,
Goapl Gupta" Gopal "

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5 Comments

Punam verma

17-Apr-2023 09:33 AM

Very nice

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बहुत खूब

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